विस्फोट के बाद बड़ी कार्रवाई की तैयारी
19 श्रमिकों की मृत्यु, अधिकारियों पर गिरेगी गाज
नागपूर में एसबीएल विस्फोट प्रकरण के बाद बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। इस दुर्घटना में 19 श्रमिकों की मृत्यु हो गई, जबकि 23 लोग घायल हुए हैं। घायलों में से 13 की स्थिति गंभीर बताई जा रही है और वे 70 प्रतिशत से अधिक झुलस चुके हैं।
राज्य के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुळे ने बताया की इस मामले में पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो), औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय (डिश) तथा श्रम विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। आरोप है कि संबंधित विभागों ने पिछले एक वर्ष में अपेक्षित निरीक्षण और सुरक्षा संबंधी कार्य प्रभावी ढंग से नहीं किए। मंडल आयुक्त और पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदारी निर्धारित कर कार्रवाई की अनुशंसा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके पश्चात संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। इस संबंध में केंद्र सरकार को भी विस्तृत प्रतिवेदन भेजा जाएगा तथा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से चर्चा की गई है।
घटना के संबंध में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में लापरवाही को कारण बताया गया है। अंतिम जांच प्रतिवेदन एक माह में प्रस्तुत किया जाएगा और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने मृतकों के परिजनों को कंपनी की ओर से 75 लाख रुपये, राज्य सरकार की ओर से 5 लाख रुपये तथा केंद्र सरकार की ओर से 2 लाख रुपये, इस प्रकार कुल 82 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। घायलों को 25 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। कंपनी बंद रहने की अवधि में श्रमिकों को वेतन दिया जाएगा तथा पुनः संचालन से पूर्व उन्हें कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।









