ग्रंथ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, भाषा गौरव का संदेश
सांस्कृतिक एकता और साहित्यिक चेतना का उत्सव
नाशिक में विश्व मराठी सम्मेलन का भव्य शुभारंभ अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ हुआ। प्रातःकाल अनंत कान्हेरे मैदान से केटीएचएम महाविद्यालय की ओर ग्रंथ यात्रा का प्रस्थान किया गया। पारंपरिक वाद्य, सांस्कृतिक झांकियाँ तथा साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति ने वातावरण को उत्सवमय बना दिया। यह शोभायात्रा महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और भाषाई अस्मिता का जीवंत प्रतीक बनी।
गंगापुर मार्ग स्थित केटीएचएम महाविद्यालय के प्रांगण में सम्मेलन के उपलक्ष्य में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। परिसर को आकर्षक सजावट से अलंकृत किया गया था। विभिन्न कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से राज्य की लोकसंस्कृति, साहित्यिक धरोहर और सामाजिक परंपराओं का सुंदर प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों और कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह की सराहना प्राप्त की।
इस आयोजन को सफल बनाने में मराठा विद्या प्रसारक समाज का विशेष सहयोग रहा। नगर की अनेक शिक्षण संस्थाओं और विद्यालयों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने पारंपरिक परिधान धारण कर यात्रा में भाग लिया, जिससे सांस्कृतिक एकता और भाषाई गौरव का संदेश प्रसारित हुआ।
सम्मेलन का उद्देश्य भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन को नई दिशा देना है। आयोजन स्थल पर साहित्य प्रेमियों, शिक्षाविदों और नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। संपूर्ण वातावरण में भाषा के प्रति सम्मान, सांस्कृतिक अभिमान और सामाजिक एकजुटता की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। यह आयोजन न केवल साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक समन्वय का भी सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।








