नई दिल्ली। भारत के शिक्षा तंत्र में तकनीकी बदलाव की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास ने बुधवार को शैक्षिक अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और डिजिटल शिक्षा के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस सहयोग का मकसद कृत्रिम मेधा (AI) और मशीन लर्निंग (ML) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए स्कूल शिक्षा को अधिक सुलभ, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।
स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने कहा कि यह साझेदारी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के प्रमुख लक्ष्यों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि मातृभाषा-आधारित शिक्षा को मजबूती देने के लिए NCERT की सभी पुस्तकों का डिजिटलीकरण किया जाएगा और उन्हें देश की 22 अनुसूचित भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, शिक्षण प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए Personalized Adaptive Learning (PAL) सिस्टम और AI-टूल्स विकसित किए जाएंगे, जिससे छात्रों को उनकी सीखने की गति और क्षमता के अनुसार शिक्षा मिल सके।
NCERT के अध्यक्ष दिनेश सकलानी ने इसे शिक्षा के भविष्य की दिशा में बड़ा और निर्णायक कदम बताते हुए कहा कि यह साझेदारी NEP-2020 के उस विज़न को हकीकत बनाएगी जिसमें हर छात्र तक सुलभ, समान और तकनीकी रूप से उन्नत शिक्षा पहुँचाने का लक्ष्य है। IIT-मद्रास के तकनीकी समर्थन से स्कूलों में डिजिटल शिक्षण संसाधनों का विस्तार होगा और देश में नवाचार आधारित शिक्षण मॉडल को बढ़ावा मिलेगा।
यह MoU इस बात का संकेत है कि भारत अब पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से आगे बढ़कर AI-संचालित स्मार्ट लर्निंग इकोसिस्टम की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है, जहाँ हर बच्चा अपनी भाषा, गति और रुचि के अनुसार सीख सकेगा और भविष्य की कौशल आवश्यकताओं के लिए तैयार होगा।







