लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। मनपा चुनाव के लिए आवेदन जमा करने के आखिरी दिन कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। पार्टी के प्रति वर्षों से ईमानदार रहने के बावजूद उम्मीदवारी न मिलने से नाराज कार्यकर्ता खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कुछ कार्यकर्ता नेताओं के घरों के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं, तो कुछ पार्टी छोड़ने की धमकी दे रहे हैं। कुछ जगहों पर कार्यकर्ता उम्मीदवारी न मिलने के बाद पार्टी कार्यालय के सामने आत्मदाह करने की धमकी दे रहे हैं। इससे नेताओं के लिए भी मुश्किल खड़ी हो गई है।
नागपुर में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अजीत पवार गुट के एक कार्यकर्ता ने कार्यालय में तोड़फोड़ की है। इसमें कार्यालय की संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा है। नागपुर में स्थित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के कार्यालय में सोमवार की सुबह अचानक हंगामा मच गया। करीब दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ता कार्यालय परिसर में पहुँचे और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता चुनावी टिकट देने के बदले में पैसों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो नेता पार्टी के लिए सालों से मेहनत कर रहे हैं, उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है और पैसे वाले लोगों को टिकट दिए जा रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के फर्नीचर को नुकसान पहुँचाया। कुर्सियां तोड़ी गईं, मेज पलटी गई और दीवारों पर लगी तस्वीरें उतार दी गईं। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों ने घबराकर बाहर निकलने की कोशिश की। स्थानीय पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर पहुँचकर स्थिति को काबू में किया गया। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और बाकी को तितर-बितर कर दिया।
मनपा चुनावों में टिकट न मिलने से नाराज महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकापा) के एक कार्यकर्ता ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर नागपुर में पार्टी कार्यालय में कथित रूप से तोड़फोड़ की। आगामी नागपुर महानगरपालिका (NMC) चुनावों में अविनाश पाटिलकर को टिकट देने से इनकार किए जाने के बाद, नाराज कार्यकर्ताओं ने गणेश पेठ क्षेत्र में राकापा कार्यालय के टेलीविजन सेट और खिड़कियां तोड़ दीं।
राकापा की नगर इकाई के प्रमुख अनिल अहीरकर ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं का नाराज होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, “एक सीट के लिए 10 से अधिक लोग दावेदार थे, लेकिन टिकट केवल एक को ही मिल सकती है। हमने सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास किया है।








