नवी मुंबई महानगरपालिका की स्थायी समिति की पहली बैठक आज संपन्न हुई, जिसमें शहर के विकास से जुड़े अहम फैसले लिए गए। बैठक में कुल 41 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 3 प्रस्तावों को स्थगित कर दिया गया, जबकि शेष प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई।
इन प्रस्तावों की कुल लागत करीब 85 करोड़ रुपये बताई जा रही है। खास बात यह रही कि इस बैठक में पानी आपूर्ति, वॉटर मीटर और सीवर (गटर) से जुड़े कार्यों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इससे शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
बैठक के दौरान कुछ समय के लिए माहौल गरम भी हुआ, जब शिंदे गुट की नगरसेविका सरोज पाटील ने समय – समय पर मुद्दे के रूप में स्वास्थ्य अधिकारी की अनुपस्थिति का विषय उठाया। उन्होंने कहा कि इससे नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, इस पर पूर्व महापौर जयवंत सुतार ने आपत्ति जताई और समय – समय पर आये मुद्दों को शामिल करने का विरोध किया। इसके चलते बैठक में थोड़ी देर के लिए विवाद की स्थिति बनी। स्थिति को देखते हुए स्थायी समिति के सभापति अशोक पाटील ने स्पष्ट किया कि बेवजह के विषयों पर चर्चा नहीं की जाएगी और इसी के साथ बैठक को समाप्त कर दिया गया।
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए सभापति अशोक पाटील ने कहा कि आज की बैठक में जनहित और शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन फैसलों से नवी मुंबई के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा।
यह बैठक नवी मुंबई के विकास कार्यों को गति देने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।






