नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी की वजह से हुई 15 मौतों के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने निशाना साधा। राहुल गांधी ने एक्स (X) पर साझा पोस्ट में कहा, इंदौर में पानी नहीं, जहर बहा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस है- और ऊपर से भाजपा नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया। लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की- फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई?
राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा, सीवर पीने के पानी में कैसे मिला? समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं की गई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? ये ‘फोकट’ सवाल नहीं- ये जवाबदेही की मांग है। साफ पानी अहसान नहीं, जीवन का अधिकार है और इस अधिकार की हत्या के लिए भाजपा का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह जिम्मेदार है। मध्य प्रदेश अब कुशासन का एपिसेंटर बन चुका है- कहीं खांसी की सिरप से मौत, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले छेद, और अब सीवर मिला पानी पीकर मौत। और जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं।








