नागपुर। राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय को अपने 102 साल के इतिहास में पहली बार एक महिला कुलपति मिली हैं। उनकी नियुक्ति को तीन महीने हो चुके हैं। हालांकि, उनकी कार्यशैली से असंतोष जताते हुए राष्ट्रीय कांग्रेस की छात्र शाखा NSUI ने शुक्रवार को एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। इस बार उन्होंने कुलपति के कक्ष के बाहर नाम पट्टिका पर गुड़िया टांगते हुए आंदोलन किया। उन्होंने कुलपति पर ‘कठपुतली’ होने का आरोप भी लगाया। इस विरोध प्रदर्शन से विवाद खड़ा होने की आशंका है।
राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की आम सभा (सीनेट) की बैठक शुक्रवार, 6 मार्च को सुबह 11 बजे शुरू हुई। गौरतलब है कि इस बैठक में विश्वविद्यालय का बजट पेश किया जाएगा, जो 350 करोड़ रुपये से अधिक का होने का अनुमान है। इस वर्ष के बजट में छात्रों को क्या-क्या नई सुविधाएं मिलेंगी, सभी की निगाहें इसी पर टिकी हैं। विश्वविद्यालय के लिए हर साल मार्च महीने में होने वाली आम सभा की बैठक बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसमें विकास कार्यों, परीक्षा विभाग में सुधार, नए निर्माण और तकनीकी सुविधाओं पर चर्चा होती है।
डेढ़ महीना बीतने के बाद भी 500 परीक्षाओं के परिणाम लंबित
पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय द्वारा कोई नई घोषणा न करने के लिए अक्सर आलोचना होती रही है। उम्मीद है कि इस वर्ष के बजट में कुछ नए प्रावधान होंगे। इसके अलावा, अधिसभा के सदस्यों द्वारा विभिन्न प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए हैं। हालांकि, शुक्रवार को चर्चा शुरू होने से पहले ही एक बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कुलपति कार्यालय के बाहर विश्वविद्यालय के मुखिया की नाम पट्टिका पर गुड़िया टांग दी। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से 45 दिन बीत जाने के बाद भी 500 परीक्षाओं के परिणाम घोषित न होने के कारण किया गया।
मैं उस राजनीति का हिस्सा नहीं: कुलपति
“मेरे कुलपति बनने से पहले भी कई लोग कहते थे कि नागपुर विश्वविद्यालय में बड़ी राजनीति होती है। लेकिन मैं उस राजनीति का हिस्सा नहीं हूँ और ऐसी राजनीति से डरने का कोई कारण नहीं है। चूँकि मेरे निर्णय छात्र-केंद्रित हैं, इसलिए मैं ऐसी राजनीति से कभी नहीं डरती,” ऐसा राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर ने कहा। डॉ. मनाली क्षीरसागर ने सभा में स्पष्ट किया कि वह किसी भी राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकतीं। हालांकि, उनकी नियुक्ति के डेढ़ महीने बाद भी विश्वविद्यालय में प्रो-वाइस-चांसलर (प्र-कुलपति) के चयन में देरी क्यों हो रही है? यह विश्वविद्यालय के गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जांच के आश्वासन के बावजूद कार्रवाई नहीं
NSUI सदस्यों ने बताया कि परीक्षा विभाग के संबंध में कुलपति मनाली क्षीरसागर को पिछली बैठकों और पत्राचार के माध्यम से कई बार जानकारी देने के बावजूद कोई उचित निर्णय नहीं लिया गया है। स्वयं कुलपति ने NSUI के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया था कि विभाग में अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार ‘प्रॉम्प्ट एडु-टेक प्राइवेट लिमिटेड’ के खिलाफ एक जांच समिति गठित की जाएगी। हालांकि, कई महीने बीत जाने के बाद भी अब तक कोई समिति गठित नहीं की गई है।











