बरहामपुर (ओडिशा)। ओडिशा की राजनीति में हलचल मचाने वाले भाजपा नेता पीताबास पांडा हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने बुधवार को बीजू जनता दल (बीजद) के वरिष्ठ नेता और बरहामपुर के पूर्व विधायक बिक्रम पांडा सहित 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी राज्य की राजनीति में तूफान लाने वाली मानी जा रही है।
बरहामपुर के पुलिस अधीक्षक सरवन विवेक एम. ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ है कि यह हत्या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, निजी दुश्मनी और आर्थिक विवाद का नतीजा थी।
एसपी के मुताबिक, हत्या की साजिश बिक्रम पांडा ने ही रची थी और इसके लिए 50 लाख का सौदा तय हुआ था, जिसमें से 10 लाख शूटर को दिए गए थे।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में पूर्व महापौर शिव शंकर दास (पिंटू), पार्षद मलय बिशोयी और मृतक पांडा के सहयोगी मदन दलेई भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि भाजपा नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता पीताबास पांडा की 6 अक्टूबर को ब्रह्मनगर स्थित उनके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने अब तक 80 से अधिक लोगों से पूछताछ की है और 500 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। बरामद हथियार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों को बुधवार को बरहामपुर अदालत में कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया गया, जहां किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
इस मामले ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।
बीजद नेता प्रमिला मलिक ने बिक्रम पांडा का बचाव करते हुए कहा, “असली अपराधी को बचाने के लिए पुलिस पूर्व विधायक को फंसा रही है।”
वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री सुरेश पुजारी ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि, “बीजद अपराधियों को संरक्षण दे रही है और ओडिशा के साथ अन्याय कर रही है।”








