मुंबई। पवई के महावीर क्लासिक बिल्डिंग स्थित आर ए स्टूडियो में बृहस्पतिवार दोपहर को 17 बच्चों और दो वयस्कों को बंधक बनाये जाने की खबर के बाद तेज़ और संगठित अभियान चला कर पुलिस ने सभी बंधकों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस कार्रवाई में कथित आरोपी रोहित आर्य (50) घायल हुआ; बाद में उसे अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े ने बताया कि सूचना दोपहर लगभग 1:30 बजे मिली और मुंबई पुलिस की क्यूआरटी, बम निरोधक दस्ते और दमकल इकाई तत्काल मौके पर पहुंचीं। बचाव टीम ने कोऑर्डिनेटेड तरीके से प्रवेश कर बच्चों और अन्य बंधकों को मुक्त कराया।
अधिकारियों ने बताया कि आर्य ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने अपने ऐलान और मांगों की बात की। वीडियो में उसने कहा कि वह पैसे नहीं चाहता बल्कि कुछ सवालों के जवाब चाहता है और बातचीत के जरिए समाधान चाहता है।
जांच के अनुसार आर्य ने करीब 15 वर्ष के लड़के और लड़कियाँ “वेब सीरीज़ के ऑडिशन” के बहाने बुलाये थे। स्टूडियो में उसके पास एक एयर गन और कुछ रसायन भी थे — पुलिस का कहना है कि वह बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दे रहा था।
पुलिस ने बातचीत के कई प्रयास किये लेकिन प्रगति न होने पर टीम ने बाथरूम के रास्ते स्टूडियो में घुसने का निर्णय लिया। आग संबंधी जोखिम को कम करने के लिए दमकल विभाग ने सीढ़ियाँ उपलब्ध कराईं और प्रवेश सुरक्षित तरीके से किया गया।
सभी 17 बच्चे, एक वरिष्ठ नागरिक और एक अन्य वयस्क बचाये गये। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) सत्यनारायण ने कहा, “सभी बंधक सुरक्षित हैं।” बचाये गए बच्चों को तुरंत मेडिकल और मानसिक सहायता दी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान के दौरान आरोपी पर गोली चली; उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहाँ शाम तक उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना के आसपास शुरुआती तनाव व भय के बाद इलाके में शांति लौट आई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अमरावती में पूछे जाने पर कहा कि विस्तृत जानकारी जल्द साझा की जाएगी। उन्होंने गृह विभाग के जरिए घटना की समीक्षा कराने का भरोसा दिलाया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध FIR दर्ज की गयी है और मामले की आगे की जांच जारी है — इसमें आरोपी के सोशल मीडिया संदेश, स्टूडियो की गतिविधियाँ, बच्चों को बुलाने के स्रोत और एयर गन/रसायनों की पड़ताल शामिल है। ट्रैक्टर-ट्रेल पर मौजूद CCTV व स्टूडियो के अंदर की फुटेज को भी जाँचा जा रहा है।
नाल्डवे ने कहा कि बचाए गए बच्चों को चिकित्सीय परामर्श और पीड़ित प्रक्रिया के अनुसार समुचित संरक्षण दिया जा रहा है; परिवारों को भी सूचित किया जा चुका है। बाल संरक्षण व मनोवैज्ञानिक मदद के लिए संबंधित विशेषज्ञ टीम बुलायी गयी है।
स्थानीय नागरिकों और पड़ोसियों ने घटना के दौरान पुलिस की तेजी व तत्परता की प्रशंसा की है। वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले के प्रारंभिक चरण में अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक सूचनाओं का इंतजार करें।
यह घटना शहर में बच्चों की सुरक्षा और ऑडिशन जैसी गतिविधियों में पारदर्शिता की आवश्यकता पर फिर से बहस छेड़ेगी — प्रशासन ने भी संकेत दिया है कि फ़िल्म-टीवी ऑडिशन और बच्चों के साथ होने वाली गतिविधियों की निगरानी बढ़ाई जाएगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी की मौत के बाद भी मामले की संपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जारी रहेगी; आवश्यकतानुसार Forensic एवं साइबर टीमों को शामिल किया गया है ताकि घटना के सभी पहलुओं का सत्यापन किया जा सके।
तेज़ प्रतिक्रिया और समन्वित बचाव के कारण बड़ी त्रासदी टल गई; 17 नाबालिग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित कर उन्हें तत्काल सहायता दी गई। मामले की विस्तृत जांच और संभावित निवारक नियमों पर प्रशासन आगे के निर्देश जारी करेगा।








