लोकवाहिनी, संवाददाता मुंबई। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने सोमवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले महायुति की सत्ता की लालसा ‘लोकतंत्र को निगलने’ की हद तक पहुंच गई है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों के लिए 15 जनवरी को होने वाले मतदान से पहले ही सत्तारूढ़ गठबंधन के 68 उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत पर तीखी बहस हो रही है।
सपकाल ने यहां एक प्रेस वार्ता में कहा कि देवेंद्र फडणवीस सरकार नगर निकाय चुनावों में निर्विरोध जीत हासिल करने के लिए दबाव बना रही है, धमकियां दे रही है और धन-बल के इस्तेमाल से लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। सपकाल ने आरोप लगाया, मौजूदा नगर निकाय चुनावों में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों के सिद्धांत से घोर समझौता किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने लोकतंत्र का गला घोंट दिया है।
मतदान से पहले ही खुल्लम-खुल्ला धन-बल का खेल चल रहा है। भाजपा नीत महायुति की सत्ता की भूख लोकतंत्र को निगलने की हद तक पहुंच गई है। सपकाल ने कहा कि एक स्वस्थ लोकतंत्र में विपक्षी दलों का भी समान महत्व है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के मंत्रिमंडल का हवाला दिया, जिसमें गैर-कांग्रेसी दलों के मंत्री भी शामिल थे और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों तथा परंपरा के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। सपकाल ने कहा, मतदाताओं को उन वार्ड में भी ‘उपरोक्त में से कोई नहीं’ (नोटा) का विकल्प उपलब्ध कराया जाना चाहिए जहां उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित होते हैं, ताकि नागरिक मतदान के अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग कर सकें।









