लोकवाहिनी, संवाददाता:श्रीनगर/लखनऊ। अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत होने के बाद कश्मीर से लेकर कर्नाटक तक, भारत के विभिन्न हिस्सों में शिया समुदाय के लोग रविवार को सड़कों पर उतर आए और उन्होंने इस घटनाक्रम पर आक्रोश एवं दुख व्यक्त किया।
इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के दौरान खामेनेई की शनिवार को तेहरान में एक हवाई हमले में मौत हो गई। ईरानी सरकारी मीडिया ने रविवार को इसकी पुष्टि की, जिसके बाद भारत समेत दुनिया भर में विरोध-प्रदर्शन एवं मातम की लहर शुरू हो गई। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि कश्मीर के लाल चौक, सैदा कदल, बड़गाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों को अपना सीना पीटते और अमेरिका एवं इजरायल के खिलाफ नारे लगाते देखा गया।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने ईरान में जारी घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई और व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के बीच शांति बनाए रखने की अपील की। देश भर के कई मुस्लिम निकायों और संगठनों ने ईरानी नेता की याद में कई दिन के शोक की घोषणा की और सोमवार को भी विरोध-प्रदर्शन करने का कार्यक्रम तय किया।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बड़ा इमामबाड़ा मस्जिद के पास बड़ी संख्या में लोग जुटे और उन्होंने विरोध-प्रदर्शन के दौरान नारे लगाए तथा शोकाकुल महिलाएं ईरानी नेता की तस्वीर से लिपटकर रोती दिखीं। अखिल भारतीय शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने घोषणा की कि सोमवार को विरोध-प्रदर्शन के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पुतले फूंके जाएंगे।









