महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर आरोप–प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अंबरनाथ नगरसेवकों के भारतीय जनता पार्टी में प्रवेश और चुनावी उठा-पटक को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को चुनावी फायदे के लिए रचा गया नाटक करार दिया है।
विजय वडेट्टीवार ने कहा कि जिन नगरसेवकों ने हाल ही में भाजपा में प्रवेश किया है, वे पहले दूसरी पार्टी के चुनाव चिन्ह पर चुने गए थे। इसके बावजूद पार्टी बदलने से पहले न तो प्रदेश स्तर पर किसी भी प्रकार की चर्चा की गई और न ही किसी वैचारिक सहमति की प्रक्रिया अपनाई गई। उनके अनुसार यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और केवल सत्ता प्राप्ति की लालसा को दर्शाता है।
वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि इस तरह की राजनीति का उद्देश्य महाराष्ट्र की जनता को भ्रमित करना और मूर्ख बनाना है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय ऐसे नाटकीय घटनाक्रम दिखाकर जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाया जा रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने पैसे के लेन–देन से जुड़े विवादों पर भी गंभीर चिंता जताई। वडेट्टीवार ने सवाल उठाया कि आखिर इतना पैसा कहां से आया और सत्ता हासिल करने के लिए इसका इस्तेमाल कैसे किया गया। उन्होंने कहा कि जनता के मन में यह सवाल अब और गहरा हो गया है।
कांग्रेस नेता ने फूट डालने वाली राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के हथकंडों से जनता का लोकतंत्र पर से विश्वास कमजोर हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सत्ता के लिए किए जा रहे ऐसे प्रयोग लंबे समय में लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक साबित होंगे।
विजय वडेट्टीवार के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है।









