पुणे से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। प्रदेश सरचिटणीस और माजी महापौर दत्तात्रय दनकवडे ने संकेत दिए हैं कि महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव जल्द देखने को मिल सकता है। दनकवडे के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) और अजित पवार गुट के बीच एकजुट होने को लेकर सकारात्मक बातचीत पूरी हो चुकी है और आने वाले दो दिनों में इस संबंध में आधिकारिक घोषणा हो सकती है।
दत्तात्रय दनकवडे ने बताया कि दोनों राष्ट्रवादी दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय बैठकें सफल रही हैं। इस पूरी प्रक्रिया में “ताई” और “दादा” के स्तर पर भी चर्चा हो चुकी है, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि दोनों गुटों के बीच मतभेद अब समाप्ति की ओर हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों राष्ट्रवादी दलों का एक साथ आना तय है और अब केवल औपचारिक ऐलान बाकी है।
इस संभावित एकता का असर पुणे की स्थानीय राजनीति पर भी साफ दिखाई दे सकता है। खास तौर पर 38वें प्रभाग से जुड़ा विवाद भी जल्द सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है। दनकवडे ने कहा कि शहर अध्यक्ष प्रसाद जगताप, राष्ट्रवादी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार और अजित पवार के बीच इस विषय पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है।
उन्होंने यह भी संकेत दिए कि आगामी चुनावों में तुतारी और घड़ी के चुनाव चिह्नों को लेकर भी समन्वय बन सकता है, जिससे पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी। यदि यह एकता होती है, तो यह न केवल पुणे बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण तैयार कर सकती है।
अब सभी की निगाहें आने वाले दो दिनों पर टिकी हैं, जब इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर आधिकारिक मुहर लगने की संभावना है।
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