छत्रपति संभाजीनगर:महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आर्थिक लेनदेन के विवाद के चलते एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए फिल्मी अंदाज में पूरा षड्यंत्र रचा था। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
मृतक की पहचान राजाराम उत्तम लोंढे के रूप में हुई है, जो शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय, छत्रपति संभाजीनगर में विभाग प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। नौकरी के दौरान ही वे शहर में रह रहे थे।
पुलिस के अनुसार इस मामले में विशाल राठोड, आकाश पवार और करण आडे को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक और आरोपियों के बीच करीब 50 लाख रुपये का आर्थिक लेनदेन हुआ था, जिसे लेकर विवाद पैदा हुआ।
तफ्तीश में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पहले से ही गेवराई तांडा इलाके में मशीन की मदद से दो गड्ढे खोद रखे थे। इसके बाद दौलताबाद क्षेत्र में पार्टी आयोजित की गई, जहां कुछ महिलाओं को भी बुलाया गया था। इसी दौरान पैसों के विवाद को लेकर राजाराम लोंढे और आरोपियों के बीच झगड़ा हुआ। आरोप है कि इसी झगड़े में आरोपियों ने लोंढे की ही पिस्तौल से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को एक दिन तक कार में रखा और फिर पहले से खोदे गए गड्ढे में दफनाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। पुलिस को भ्रमित करने के लिए उन्होंने अलग-अलग जगहों पर घूमने का नाटक किया और मृतक का मोबाइल फोन बार-बार ऑन-ऑफ कर यह झूठी जानकारी दी कि उन्हें सिग्मा अस्पताल के पास छोड़ा गया था।
6 फरवरी 2026 को राजाराम लोंढे के लापता होने की शिकायत दर्ज हुई थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें विरोधाभासी बयान मिलने पर पूरी साजिश का खुलासा हो गया।









