अशोक चक्र वाला नीला झंडा सिर्फ RPI का अधिकार
आगामी नागपुर महानगरपालिका चुनाव 2025 को लेकर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) ने बड़ा और सख्त बयान जारी किया है। पार्टी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अशोक चक्र से सुसज्जित नीला झंडा केवल RPI का आधिकारिक झंडा है और इसका किसी अन्य राजनीतिक दल, संगठन या व्यक्ति द्वारा उपयोग किया जाना चुनाव आचारसंहिता का उल्लंघन माना जाएगा।
RPI की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह झंडा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा स्थापित रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के संविधान के अनुसार निर्धारित किया गया है। पार्टी के संविधान के मुताबिक झंडे का रंग नीला होगा और उसके मध्य में सफेद अशोक चक्र अंकित रहेगा। यह झंडा केवल RPI की पहचान ही नहीं, बल्कि बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों और आंदोलन का प्रतीक भी है।
पार्टी ने यह भी साफ किया है कि बिना अधिकृत अनुमति या गलत मंशा से इस झंडे का उपयोग किया जाना न केवल पार्टी का, बल्कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का भी अपमान माना जाएगा। RPI ने इस तरह के किसी भी प्रयास को गंभीरता से लेने की चेतावनी दी है।
इस संबंध में RPI नागपुर के पदाधिकारियों ने मुख्य चुनाव अधिकारी और नागपुर महानगरपालिका आयुक्त को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है। पत्र में मांग की गई है कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन RPI के आधिकारिक झंडे का दुरुपयोग करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
RPI के इस सख्त रुख के बाद नागपुर की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और आने वाले चुनावों से पहले झंडे और प्रतीकों को लेकर सतर्कता बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।








