नई दिल्ली। पाकिस्तान की पूर्व कप्तान और कमेंटेटर सना मीर ने महिला क्रिकेट विश्व कप के दौरान अपने विवादास्पद बयान ‘आजाद कश्मीर’ पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल बल्लेबाज नतालिया परवेज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचने की यात्रा और उस दौरान सामने आई चुनौतियों को बताना था। बृहस्पतिवार को पाकिस्तान और बांग्लादेश... Read More
नई दिल्ली। पाकिस्तान की पूर्व कप्तान और कमेंटेटर सना मीर ने महिला क्रिकेट विश्व कप के दौरान अपने विवादास्पद बयान ‘आजाद कश्मीर’ पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल बल्लेबाज नतालिया परवेज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचने की यात्रा और उस दौरान सामने आई चुनौतियों को बताना था।
बृहस्पतिवार को पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच खेले गए मैच में सना मीर ने परवेज को ‘आजाद कश्मीर’ से बताया। यह टिप्पणी कुछ भारतीय दर्शकों को स्वीकार्य नहीं लगी, जिन्होंने सही शब्द ‘पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK)’ बताया और कमेंट्री में राजनीतिक इशारा करने का आरोप लगाया।
सना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मेरी टिप्पणी का उद्देश्य केवल यह बताना था कि पाकिस्तान के एक विशेष क्षेत्र से आने के कारण खिलाड़ी ने किन चुनौतियों का सामना किया और उसका सफर कैसा रहा। यह केवल कमेंटेटर के रूप में खिलाड़ियों की प्रेरक कहानियों को साझा करने का हिस्सा था।”
It's unfortunate how things are being blown out of proportion and people in sports are being subjected to unnecessary pressure. It is sad that this requires an explanation at public level.
My comment about a Pakistan player's hometown was only meant to highlight the challenges… pic.twitter.com/G722fLj17C
उन्होंने आगे कहा, “मैंने अन्य क्षेत्रों से आने वाले दो खिलाड़ियों के लिए भी ऐसा ही किया। कृपया इसे राजनीतिकरण न करें। हमारा काम केवल खेल, टीम और खिलाड़ियों की कहानियों पर ध्यान केंद्रित करना है। मेरे दिल में किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है।”
भारतीय प्रशंसकों ने ICC और BCCI को टैग करते हुए उन्हें कमेंट्री टीम से हटाने की मांग की। सना ने इस पर कहा कि उनकी टिप्पणी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और उन्होंने अपने द्वारा इस्तेमाल किए गए शोध स्रोत का स्क्रीनशॉट भी साझा किया।
सना ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि खेल से जुड़े लोगों पर अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है। मेरा उद्देश्य केवल खिलाड़ियों की प्रेरक कहानियों को साझा करना है। कोई दुर्भावना नहीं है।”
महिला विश्व कप इस बार भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में हो रहा है, जबकि पाकिस्तान अपने सभी मैच श्रीलंका में खेल रहा है। सना का बयान ऐसे समय आया जब पुरुषों के एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच पहले ही तनातनी देखी जा चुकी है।
इस साल भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को हराया था, लेकिन खिलाड़ियों ने ट्रॉफी लेने से इनकार किया। यह निर्णय पहलागाम में आतंकवादी हमले के विरोध में लिया गया था।
सना मीर की यह सफाई खेल और खिलाड़ियों की प्रेरक कहानियों को उजागर करने के उद्देश्य पर केंद्रित है और उन्होंने सभी से अपील की कि इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से न देखा जाए।
सना मीर ने ‘आजाद कश्मीर’ टिप्पणी पर दी सफाई
नई दिल्ली। पाकिस्तान की पूर्व कप्तान और कमेंटेटर सना मीर ने महिला क्रिकेट विश्व कप के दौरान अपने विवादास्पद बयान ‘आजाद कश्मीर’ पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल बल्लेबाज नतालिया परवेज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचने की यात्रा और उस दौरान सामने आई चुनौतियों को बताना था।
बृहस्पतिवार को पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच खेले गए मैच में सना मीर ने परवेज को ‘आजाद कश्मीर’ से बताया। यह टिप्पणी कुछ भारतीय दर्शकों को स्वीकार्य नहीं लगी, जिन्होंने सही शब्द ‘पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK)’ बताया और कमेंट्री में राजनीतिक इशारा करने का आरोप लगाया।
सना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा,
“मेरी टिप्पणी का उद्देश्य केवल यह बताना था कि पाकिस्तान के एक विशेष क्षेत्र से आने के कारण खिलाड़ी ने किन चुनौतियों का सामना किया और उसका सफर कैसा रहा। यह केवल कमेंटेटर के रूप में खिलाड़ियों की प्रेरक कहानियों को साझा करने का हिस्सा था।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने अन्य क्षेत्रों से आने वाले दो खिलाड़ियों के लिए भी ऐसा ही किया। कृपया इसे राजनीतिकरण न करें। हमारा काम केवल खेल, टीम और खिलाड़ियों की कहानियों पर ध्यान केंद्रित करना है। मेरे दिल में किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है।”
भारतीय प्रशंसकों ने ICC और BCCI को टैग करते हुए उन्हें कमेंट्री टीम से हटाने की मांग की। सना ने इस पर कहा कि उनकी टिप्पणी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और उन्होंने अपने द्वारा इस्तेमाल किए गए शोध स्रोत का स्क्रीनशॉट भी साझा किया।
सना ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि खेल से जुड़े लोगों पर अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है। मेरा उद्देश्य केवल खिलाड़ियों की प्रेरक कहानियों को साझा करना है। कोई दुर्भावना नहीं है।”
महिला विश्व कप इस बार भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में हो रहा है, जबकि पाकिस्तान अपने सभी मैच श्रीलंका में खेल रहा है। सना का बयान ऐसे समय आया जब पुरुषों के एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच पहले ही तनातनी देखी जा चुकी है।
इस साल भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को हराया था, लेकिन खिलाड़ियों ने ट्रॉफी लेने से इनकार किया। यह निर्णय पहलागाम में आतंकवादी हमले के विरोध में लिया गया था।
सना मीर की यह सफाई खेल और खिलाड़ियों की प्रेरक कहानियों को उजागर करने के उद्देश्य पर केंद्रित है और उन्होंने सभी से अपील की कि इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से न देखा जाए।