लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। 1 मार्च को काटोल तहसील के राउलगांव स्थित एसबीएल कंपनी लिमिटेड में हुए भीषण विस्फोट में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इलाज करा रही दो गंभीर घायल महिलाओं की भी मौत हो गई है। मृतकों की संख्या अब 22 तक पहुँच गई है और 14 महिलाएं फिलहाल ऑरेंज सिटी अस्पताल एवं अनुसंधान संस्थान में इलाज करा रही हैं। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
36 वर्षीय आम्रपाली कालसर्पे की 7 मार्च को रात करीब 11 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई। वह 55 प्रतिशत झुलस गई थीं। पहले दिन से ही उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। वहीं, 32 वर्षीय रोशनी सूर्यकांत उमाठे की 8 मार्च की सुबह मौत हो गई। वह 75 प्रतिशत झुलस गई थीं। उनके हाथ में गंभीर फ्रैक्चर था, और उनके पैर की सर्जरी हुई थी और बाहरी फिक्सेशन भी किया गया था।
वर्तमान में गंभीर रूप से घायल मरीजों में सुजाता विनायक रॉकड़े (35) और सीमा विजय धवे (27) दोनों 70 प्रतिशत जल चुकी हैं, ज्योति शाम धवे (21) 65 प्रतिशत जल चुकी हैं और तीनों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
14 लोग गंभीर हालत में:
SBL विस्फोट की जाँच जारी है, लेकिन गंभीर रूप से झुलसे श्रमिकों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। फिलहाल, ऑरेंज सिटी अस्पताल में 14 मरीजों का इलाज चल रहा है और सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस बीच, गंभीर रूप से झुलसे 14 मरीज, जिनके शरीर का 30 से 70 प्रतिशत हिस्सा जल चुका है, इस अस्पताल में जीवन-मरण के बीच जूझ रहे हैं। डॉक्टरों ने पाया है कि मरीजों के अंगों पर जलन के गंभीर प्रभाव के कारण उनकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ रही है। लेकिन डॉक्टर उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।








