जनता ही देगी सत्ताधारियों को जवाब
पनवेल में भाजपा के सात उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। शेतकरी कामगार पक्ष (शेकाप) के पूर्व विधायक बालाराम पाटील ने इस पूरे मामले को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पाटील ने कहा कि विश्वास के आधार पर जिन उम्मीदवारों को टिकट दिया गया था, उनका नामांकन वापस लेना एक शोकांतिका है और यह जनता के साथ विश्वासघात है।
बालाराम पाटील ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पैसों का इस्तेमाल कर उम्मीदवारों को खरीदा है, जिसके चलते कई जगहों पर चुनाव होने ही नहीं दिए गए। उन्होंने कहा कि निर्विरोध चुनाव लोकतंत्र की आत्मा के खिलाफ हैं और जनता से मतदान का अधिकार छीना जा रहा है। पाटील ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस प्रकार की राजनीति का जवाब पनवेल की जनता जरूर देगी।
उन्होंने आगे कहा कि जिन स्थानों पर भाजपा निर्विरोध जीत का दावा कर रही है, वहां चुनाव आयोग को मतदान कराना चाहिए, क्योंकि नोटा का विकल्प जनता के पास मौजूद है। अगर चुनाव ही नहीं होंगे तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया का क्या महत्व रह जाएगा, यह सवाल भी उन्होंने उठाया।
पाटील ने विश्वास जताया कि शेष सीटों पर शेकाप और महाविकास आघाड़ी को जनता का समर्थन मिलेगा और सत्ता पक्ष को करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पैसा और दबाव के बल पर जीती गई सत्ता ज्यादा दिनों तक नहीं टिकती। अंत में पाटील ने दोहराया कि यह लड़ाई सिर्फ चुनाव की नहीं, बल्कि लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की है।






