भारत–अमेरिका व्यापार संबंधों से किसानों को खतरे की आशंका
बारामती:बारामती में आयोजित एक पत्रकार परिषद में पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष शरद पवार ने राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि वे महाराष्ट्र विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा में पिछले ५८ वर्षों से लगातार सक्रिय रहे हैं और कभी भी अनुपस्थित नहीं रहे। हालांकि, एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारण बजट सत्र के दिन वे सदन में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उस दिन कुछ संतोषजनक निर्णय लिए गए।
भारत–अमेरिका व्यापार संबंधों पर बोलते हुए शरद पवार ने चिंता जताई कि अमेरिका द्वारा कुछ टैरिफ में की गई कटौती का प्रभाव भारतीय कृषि पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आगामी दो दिनों में इन संबंधों की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो जाएगी। यदि अमेरिका से बड़े पैमाने पर कृषि निर्यात शुरू होता है, तो इससे भारतीय किसानों को नुकसान हो सकता है।
अजित पवार स्मारक को लेकर पूछे गए सवाल पर पवार ने कहा कि उन्हें इस विषय में कोई विस्तृत जानकारी नहीं है। अभी तक न तो किसी संस्था और न ही स्थान को लेकर कोई चर्चा हुई है। इस पर भविष्य में बैठकर निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा उनके नाम के उल्लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए शरद पवार ने कहा कि वे उस चर्चा का हिस्सा नहीं थे और न ही कोई राजनीतिक बातचीत हुई थी।
सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने पर उन्होंने खुशी व्यक्त की। साथ ही कहा कि लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने का अवसर मिलना चाहिए था। ‘लाडकी बहन’ योजना तथा पार्थ पवार और रोहित पवार की मुलाकात को लेकर उन्होंने अनभिज्ञता जताई।








