पुणे में शिंदे गुट की शिवसेना कार्यकर्ताओं ने आज वरिष्ठ नेता नीलम गोऱ्हे के निवास के बाहर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। यह आंदोलन कल नीलम गोऱ्हे द्वारा आयोजित पत्रकार परिषद के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने महापालिका चुनाव में जागा वितरण को लेकर महायुती में नाराजगी व्यक्त की थी।
शिंदेसेना के कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने भाजपा से 20 से 25 सीटों की मांग की थी, लेकिन भाजपा इस संख्या में सीट देने को तैयार नहीं थी। इस कारण कार्यकर्ता नाराज हैं और उन्होंने नीलम गोऱ्हे और पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए।
कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि पुराने और मेहनती कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि वे वर्षों से पार्टी के लिए मेहनत कर रहे हैं। इसके चलते महापालिका चुनाव की तैयारियों और युती की राजनीति में तनाव और असंतोष देखा जा रहा है।
पुणे के गोखले रोड क्षेत्र में हुए इस प्रदर्शन ने पार्टी के अंदरूनी सियासी समीकरण और युती रणनीति को उजागर किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस घटना का असर महापालिका चुनाव में सीट बंटवारे और युती पर पड़ सकता है।
स्थानीय नेताओं ने कार्यकर्ताओं की नाराजगी को देखते हुए संवाद और समाधान खोजने की पहल शुरू कर दी है। आने वाले कुछ दिनों में सीट बंटवारे और युती की अंतिम स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।








