लोकवाहिनी, संवाददाता:मुंबई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया, जिसके चलते भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक एक दिन की तेजी के बाद बुधवार को फिर से गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। बुधवार को शेयर बाजार 11 महीनों के निचले स्तर (Lower Level) पर बंद हुआ।
मंगलवार को जब रूस ने बयान दिया कि ‘खाड़ी युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा’, उसके असर से शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली थी। हालांकि, बुधवार को बाजार उस बढ़त को बरकरार नहीं रख सका। कारोबार के अंत में BSE सेंसेक्स 1.72 प्रतिशत या 1,342.27 अंक की गिरावट के साथ 76,863.71 पर बंद हुआ। वहीं NSE निफ्टी 50, 1.63 प्रतिशत या 394.75 अंक गिरकर 23,866.85 पर बंद हुआ। निफ्टी-50 करीब 11 महीने के निचले स्तर पर दिखाई दिया, जिसकी वजह से शेयर बाजार के निवेशकों के 5.60 लाख करोड़ रुपये डूब गए।
व्यापक बाजार (Broad Market) की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.25 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.36 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी ऑटो सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला क्षेत्रीय सूचकांक बनकर उभरा, जिसमें 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। इसके विपरीत, निफ्टी फार्मा क्षेत्रीय सूचकांकों में सबसे अधिक मुनाफे वाला सूचकांक रहा। वहीं, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी हेल्थकेयर सूचकांक भी बढ़त के साथ बंद हुए। (पेज 6 पर)













