लोकवाहिनी संवाददाता,मुंबई। कच्चे तेल के दामों में तेजी और वैश्विक स्तर पर कमजोरी के रुख से स्थानीय शेयर बाजारों में गुरुवार को हाहाकार मच गया। 19 मार्च का दिन निवेशकों के लिए भारी साबित हुआ। बाजार में अचानक आई तेज गिरावट ने 22 महीनों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। कारोबार के अंत में बीएसई (BSE) सेंसेक्स 2497 अंक का गोता लगा गया, जबकि एनएसई (NSE) निफ्टी 776 अंक लुढ़क गया।
पश्चिम एशिया में तेल एवं गैस संयंत्रों पर हमलों के बाद कच्चे तेल के दामों में उछाल आया है। इससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। निफ्टी में 12 महीने की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। ऐसे में निवेशकों का कुल 13 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
मध्य पूर्व संकट और वैश्विक स्तर पर जोखिम से बचने की भावना और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते दोनों बेंचमार्क इंडेक्स 3 प्रतिशत से अधिक गिर गए। सेंसेक्स 2497 अंक लुढ़ककर 74,207 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 776 अंक गिरकर 23,002 के स्तर पर आ गया। आज लगभग सभी क्षेत्रों में बिकवाली देखने को मिली, जिसमें ऑटो इंडेक्स 4 प्रतिशत से अधिक गिरा। वहीं बैंकिंग, आईटी, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स में भी 3-4 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई।
सभी सेक्टर्स आज लाल निशान में बंद हुए। बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। आज एशियाई शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिली। इसके पीछे की वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमत है, जो मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और एलएनजी (LNG) इंफ्रा पर हमलों के कारण बढ़ी है।
इससे पहले यानी बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन बढ़त देखी गई थी। इस दौरान बीएसई का सेंसेक्स 633 अंक उछलकर 76,704.13 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि एनएसई का निफ्टी 196 अंक चढ़कर 23,777.80 अंकों के स्तर पर बंद हुआ था। (पेज 6 पर)








