राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बयान देते हुए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोला है। जालना में मनपा चुनाव प्रचार सभा के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सुनील तटकरे ने कहा कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे का एक साथ आना किसी विचारधारा या जनहित का परिणाम नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से राजनीतिक वैफल्य यानी हताशा का नतीजा है।
सुनील तटकरे ने कहा कि जनता ने दोनों नेताओं को बार-बार नकारा है और अब सत्ता से दूर रहने की बेचैनी में वे एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र की जनता ऐसे अवसरवादी गठबंधनों को भली-भांति समझती है और आने वाले चुनावों में इसका करारा जवाब देगी।
राज ठाकरे द्वारा उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर 70 हजार करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए तटकरे ने कहा कि इन आरोपों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बयानों को कोई गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे आरोप केवल सुर्खियों में बने रहने और राजनीतिक निराशा को छुपाने का प्रयास हैं।
तटकरे ने यह भी कहा कि अगर किसी के पास भ्रष्टाचार से जुड़े ठोस सबूत हैं, तो उन्हें संवैधानिक एजेंसियों के सामने रखना चाहिए, न कि मंचों से बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता को गुमराह करना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि अजित पवार के नेतृत्व में महायुति सरकार विकास के मुद्दों पर काम कर रही है और जनता का भरोसा सरकार के साथ है।








