0 Comment
लोकवाहिनी, संवाददाता:वर्धा। संपत्ति और क्रोध के बीच फंसने पर कोई क्या कर सकता है, यह कहना मुश्किल है। चाहे अवसर कितना भी खुशी का हो, वह इंसानियत को कलंकित करने से भी पीछे नहीं हटता। कुछ ऐसा ही यहाँ देखने को मिला। एक ओर सभी बाराती बैंड-बाजे की धुन पर नाच-गा रहे थे, वहीं दूसरी... Read More





