चेन्नई | तमिलनाडु में खांसी सिरप मिलावट के सनसनीखेज मामले ने बड़ा मोड़ ले लिया है। राज्य सरकार ने जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में दो वरिष्ठ औषधि निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब श्रीसेन फार्मा कंपनी के ‘कोल्ड्रिफ सिरप’ से कथित तौर पर कई बच्चों की मौत होने की रिपोर्ट सामने आई।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमणियन ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि तमिलनाडु सरकार इस प्रकरण को बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि दोनों निरीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसमें पूछा गया था कि पिछले दो वर्षों से कंपनी का निरीक्षण क्यों नहीं किया गया। जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर दोनों को निलंबित कर दिया गया।
सुब्रमणियन ने कहा,
“तमिलनाडु पहला राज्य था जिसने कोल्ड्रिफ सिरप में मिलावट की पुष्टि की। हमने तुरंत केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पुडुचेरी को चेतावनी भेजी ताकि अन्य राज्यों में यह सिरप न पहुंचे।”
मंत्री ने बताया कि 3 अक्टूबर को कंपनी को उत्पादन रोकने का आदेश दिया गया और उसका लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद 7 अक्टूबर को कंपनी के मालिक जी. रंगनाथन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हुआ और 8 अक्टूबर की रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
राज्य सरकार ने अब कंपनी को स्थायी रूप से बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सुब्रमणियन ने कहा कि तीन दिनों के भीतर यह निर्णय अंतिम रूप ले लेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि तमिलनाडु में अब कोल्ड्रिफ सिरप की खरीद और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
“हमारी त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया,” — स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमणियन।











