जालना महापालिका चुनाव को लेकर ओबीसी नेता की सभी दलों को सख्त चेतावनी
आगामी जालना महानगरपालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जिले में ओबीसी मतदाताओं की बड़ी संख्या को देखते हुए इस चुनाव में दलित, मुस्लिम और ओबीसी मतदाताओं की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। ऐसे में विभिन्न राजनीतिक दलों की नजर इन वर्गों के मतों पर टिकी हुई है और रणनीतियां भी उसी अनुरूप बनाई जा रही हैं।
इसी बीच ओबीसी नेता नवनाथ वाघमारे ने सभी राजनीतिक दलों के सामने स्पष्ट और सख्त मांग रखी है। उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षित सीटों पर केवल मूल ओबीसी उम्मीदवारों को ही टिकट दिया जाना चाहिए। वाघमारे ने आरोप लगाया कि कई बार चुनाव में फर्जी कुनबी प्रमाणपत्र के आधार पर उम्मीदवार उतारे जाते हैं, जिससे वास्तविक ओबीसी समाज के साथ अन्याय होता है।
नवनाथ वाघमारे ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि किसी भी राजनीतिक दल ने फर्जी कुनबी प्रमाणपत्र के आधार पर उम्मीदवार उतारा, तो उस पार्टी के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में संबंधित पार्टी के सभी उम्मीदवारों को चुनाव में हराने का प्रयास किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
इसके साथ ही वाघमारे ने राजनीतिक दलों को सलाह देते हुए कहा कि जो भी पार्टी वंचित बहुजन आघाड़ी के साथ गठबंधन करेगी, उसे चुनाव में सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि वंचित बहुजन आघाड़ी को दलित, ओबीसी और अल्पसंख्यक समाज का मजबूत समर्थन प्राप्त है, जिसका असर चुनाव परिणामों में साफ दिखाई देगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नवनाथ वाघमारे के इस बयान से जालना महापालिका चुनाव की सियासत और तेज होने की संभावना है। अब देखना होगा कि राजनीतिक दल उनकी मांगों को कितना गंभीरता से लेते हैं और टिकट वितरण में क्या रणनीति अपनाते हैं।









