वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच गोलीबारी में सात विमान मार गिराए गए, लेकिन उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि ये किस देश के थे।
रविवार को ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने बताया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान पर 200 प्रतिशत शुल्क (टैरिफ) लगाने की धमकी दी थी, जिससे दोनों देशों को युद्ध रोकना पड़ा। उन्होंने कहा,
“शुल्क की धमकी ने दो परमाणु संपन्न देशों को युद्ध से रोका। वे युद्ध कर रहे थे। यह बहुत बड़ी बात है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मुझे इसके लिए प्रशंसा भी की।”
ट्रंप ने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने 10 मई को घोषणा की थी कि अमेरिका की मध्यस्थता में लंबी बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम पर सहमत हो गए थे। हालांकि भारत ने बार-बार स्पष्ट किया है कि यह संघर्षविराम डीजीएमओ स्तर की बातचीत के बाद हुआ।
भारत-पाक सैन्य घटनाक्रम:
- 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए।
- जवाबी कार्रवाई में भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया।
- चार दिन की झड़पों के बाद 10 मई को संघर्षविराम हुआ।
इसी बीच ट्रंप ने भारत-रूस तेल आयात को लेकर भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर भारत रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखता है, तो उसे भारी शुल्क चुकाना होगा। ट्रंप ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा।
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा,
“अगर भारत ऐसा नहीं करता, तो उसे शुल्क चुकाते रहना होगा। मुझे लगता है कि वह ऐसा नहीं करना चाहता।”
अमेरिका का कहना है कि रूसी तेल खरीद के जरिए भारत पुतिन को यूक्रेन युद्ध में वित्तीय सहायता दे रहा है। अमेरिकी प्रशासन ने भारतीय आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिसमें से 25 प्रतिशत रूस के कच्चे तेल के कारण है।
इस तरह ट्रंप ने सैन्य और आर्थिक दोनों मोर्चों पर भारत पर दबाव का संकेत दिया, जिससे भारत-अमेरिका संबंधों में सियासी और कूटनीतिक तनाव बढ़ता दिख रहा है।









