संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों की शनिवार को निंदा की। वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अमेरिकी व इजरायली राजदूतों की ईरानी राजदूत के साथ जबरदस्त बहस हुई। महासचिव गुटेरेस ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में सैन्य कार्रवाई से दुनिया के सबसे अस्थिर क्षेत्र में बेलगाम घटनाओं का सिलसिला शुरू होने का खतरा है।
गुटेरेस ने शनिवार को सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक में कहा, “हम अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं। सैन्य कार्रवाई से ऐसी घटनाओं का सिलसिला शुरू होने का खतरा है, जिसे दुनिया के सबसे अस्थिर क्षेत्र में कोई भी नियंत्रित नहीं कर सकता।” संयुक्त राष्ट्र की 15 सदस्यीय शक्तिशाली संस्था की बैठक अमेरिका व इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू करने और उसके बाद हुए जवाबी हमलों के कुछ घंटों बाद हुई।
गुटेरेस ने ईरान के खिलाफ अमेरिका व इजरायल के भीषण सैन्य हमलों की निंदा करने के साथ-साथ बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन कर किए गए ईरानी हमलों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, “तेहरान में राष्ट्रपति भवन और सर्वोच्च नेता के परिसर वाले इलाके में बड़े विस्फोटों की खबर मिली है। खबरों के मुताबिक, कई उच्च पदस्थ अधिकारी मारे गए हैं। इजरायली सूत्रों के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई भी इन हमलों में मारे गए हैं, हालांकि मैं इसकी पुष्टि करने की स्थिति में नहीं हूँ।”
न्यूयॉर्क में सुरक्षा परिषद की बैठक के बीच फ्लोरिडा में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में अयातुल्ला की मौत की घोषणा की। ट्रम्प ने कहा, “इतिहास के सबसे दुष्ट लोगों में से एक खामेनेई मारा गया। यह न केवल ईरान के लोगों के लिए न्याय है, बल्कि सभी महान अमेरिकियों और दुनिया भर के कई देशों के उन लोगों के साथ भी न्याय है जिन्हें खामेनेई और उसके कातिल गिरोह ने मार डाला या अपंग कर दिया था।”
गुटेरेस ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र व दुनिया को अब एक समाधान की आवश्यकता है और उन्होंने तनाव कम करने व शत्रुता को तत्काल समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर यह नहीं रुका तो व्यापक संघर्ष होने की आशंका है, जिसके नागरिकों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से गंभीर परिणाम हो सकते हैं।”
सुरक्षा परिषद की बैठक में अमेरिकी व इजरायली राजदूतों की ईरानी राजदूत के साथ तीखी बहस हुई। बैठक के दौरान अमेरिकी राजदूत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा, “इतिहास ने हमें सिखाया है कि निष्क्रियता की कीमत निर्णायक कार्रवाई के बोझ से कहीं अधिक होती है। हमारे राष्ट्रपति ट्रम्प ने आज वह निर्णायक कार्रवाई की है।”
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के प्रतिनिधि राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा, “इतिहास का यह एक ऐसा क्षण है जिसमें नैतिक स्पष्टता की आवश्यकता है और राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस चुनौती का सामना किया है। किसी भी संप्रभु सरकार का सबसे मूलभूत कर्तव्य अपने लोगों की रक्षा करना है।” उन्होंने कहा, “ईरान का उन्नत मिसाइल क्षमताओं को लगातार हासिल करने का प्रयास और कूटनीतिक अवसरों के बावजूद परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने से इनकार करना, एक गंभीर व बड़ा खतरा उत्पन्न करता है।” वॉल्ट्ज ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने लंबे समय से एक सरल और आवश्यक सिद्धांत की पुष्टि की है।”








