महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने बिनविरोध चुनाव को लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक और वैध परंपरा बताया है। उन्होंने कहा कि जिसे जहां जाना है, वहां जाने का हर किसी को अधिकार है और बिनविरोध चुनाव नहीं होने चाहिए, ऐसा कहीं भी नहीं लिखा गया है।
बावनकुळे ने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायतों और सरपंच पदों पर पहले भी कई बार बिनविरोध चुनाव हुए हैं, और ये किसी भी नियम या कानून के बाहर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर प्रक्रिया का अंतिम उद्देश्य विकास होता है।
राजस्व मंत्री ने कहा कि चुने गए प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र के विकास के लिए काम करेंगे और जनता को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन विकास के मुद्दे पर सभी को एकजुट होना चाहिए।
वहीं ठाकरे बंधुओं पर निशाना साधते हुए बावनकुळे ने कहा कि“उनकी सभाओं में भीड़ तो दिखाई देती है, लेकिन वोट नहीं मिलते।”उन्होंने सवाल उठाया कि अब उनके पास शाखाएं भी बची हैं या नहीं, क्योंकि अधिकांश शाखाएं एकनाथ शिंदे के पास चली गई हैं।
बावनकुळे ने दावा किया कि महाराष्ट्र विकास के पक्ष में खड़ा है और आगामी चुनावों में महायुति को ही जनता का समर्थन मिलेगा।








