टारगेट की गर्मी पहचानकर हमला करती है, कुल 775 करोड़ की डील
लोकवाहिनी, संवाददाता:न्यूयॉर्क/वाशिंगटन। अमेरिका भारत को 100 जेवलिन मिसाइल सिस्टम (एफजीएम-148) और 216 एक्सकैलिबर प्रोजेक्टाइल स्मार्ट तोपगोला (एम982ए1) बेचेगा। इनके लिए दोनों देशों के बीच में 92.8 मिलियन डॉलर (करीब 775 करोड़ रुपये) की डील हुई है।
अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (डीएससीए) ने बुधवार को बताया कि इस बिक्री के लिए ज़रूरी मंज़ूरी और डिटेल्स अमेरिकी संसद कांग्रेस को भेज दी गई है। डीएससीए ने कहा- हथियार भारत को मौजूदा और भविष्य के ख़तरों से निपटने में मदद करेंगे। एफजीएम-148 जेवलिन एक पोर्टेबल एंटी-टैंक मिसाइल है। इसे टैंकों, बख्तरबंद वाहनों, बंकरों को नष्ट करने के लिए बनाया गया है। मिसाइल टारगेट की गर्मी (हीट सिग्नेचर) पहचानकर उसपर हमला करती है। इसकी 2500 मीटर रेंज है। धूल, धुएं या ख़राब मौसम में भी टारगेट को तबाह करने में सक्षम है।
एक बयान में कहा कि विदेश मंत्रालय ने भारत को अनुमानित लागत चार करोड़ 71 लाख अमेरिकी डॉलर पर ‘एक्सकैलिबर प्रोजेक्टाइल’ और संबंधित उपकरणों की और अनुमानित लागत चार करोड़ 57 लाख अमेरिकी डॉलर पर ‘जेवलिन मिसाइल सिस्टम’ एवं संबंधित उपकरणों की संभावित विदेशी सैन्य बिक्री की मंज़ूरी देने का निर्णय लिया है। रक्षा सहयोग एजेंसी ने संसद को बिक्री की जानकारी देते हुए आवश्यक प्रमाणीकरण प्रदान किया। एजेंसी ने कहा, यह प्रस्तावित बिक्री अमेरिका-भारतीय सामरिक संबंधों को मज़बूत करने और एक ऐसे प्रमुख साझेदार की सुरक्षा में सुधार करने में मदद करके अमेरिका को विदेश नीति एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों का समर्थन करेगी जो हिंद-प्रशांत और दक्षिण एशिया क्षेत्रों में राजनीतिक स्थिरता, शांति और आर्थिक प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति बना हुआ है।







