नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने छह यूक्रेनी नागरिकों और एक अमेरिकी नागरिक को 11 दिन की एनआईए (NIA) हिरासत में भेज दिया, जिन पर म्यांमार स्थित जातीय सशस्त्र समूहों (EAOs) को प्रशिक्षण देने का आरोप है। ये समूह भारत में विद्रोही समूहों का समर्थन करने के लिए जाने जाते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी कथित तौर पर मिजोरम सीमा के रास्ते म्यांमार से भारत में घुसपैठ करने में कामयाब रहे थे, जिसके बाद उन्हें विभिन्न घरेलू हवाई अड्डों पर रोका गया। विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने 16 मार्च को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की इस दलील पर गौर किया कि बड़े षड्यंत्र का खुलासा करने के लिए उसे आरोपियों से पूछताछ करने की आवश्यकता है।
एजेंसी ने हिरासत का अनुरोध करते हुए कहा कि आरोपियों से पूछताछ, उनसे बरामद उपकरणों के डेटा का विश्लेषण, अधिक सबूत एकत्र करने, मुख्य साजिशकर्ता और वित्तपोषण (Funding) के स्रोत का पता लगाने, आरोपियों द्वारा अपनाए गए मार्ग का पता लगाने और उनके अज्ञात सहयोगियों को गिरफ्तार करने के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।








