नागपुर:भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन अपने महाराष्ट्र दौरे के तहत नागपुर पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने उनका अभिनंदन किया। इस दौरान राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और महापौर नीता राजेंद्र ठाकरे भी मौजूद रहीं।
नागपुर के महर्षि व्यास सभागृह में आयोजित 29वें राष्ट्रीय युवा संसद सत्र में उपराष्ट्रपति ने युवाओं को लोकतंत्र की मजबूती में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा देश के भविष्य के निर्माता हैं और उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों को समझकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने संस्कृत भाषा को भारत की सभी भाषाओं को जोड़ने वाला सूत्र बताया। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक एकता और श्रेष्ठता का आधार है। साथ ही, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की अष्टादशी परियोजना की सराहना करते हुए युवाओं से पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक प्रगति को साथ लेकर चलने का आह्वान किया।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और यही समावेशी सोच देश को आगे बढ़ाती है। उपराष्ट्रपति ने युवाओं से अपील की कि वे इस मंच का उपयोग एक सशक्त, समावेशी और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए करें। दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति ने डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन में के. बी. हेडगेवार को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी।
यह दौरा न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल भी साबित हो रहा है।











