करूर(चेन्नई)। तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख और सुपरस्टार विजय की करूर रैली अब तक की सबसे भीषण राजनीतिक त्रासदी में बदल गई। शनिवार (27 सितंबर) को मची भगदड़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। सोमवार को करूर सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती 60 वर्षीय महिला की मौत के बाद मृतकों में 18 महिलाएं, 13 पुरुष और 10 बच्चे शामिल हो चुके हैं।
भीड़ में प्यास और भगदड़ का खौफनाक मंजर
करीब 25 हजार लोग विजय को देखने के लिए उमड़े थे, जबकि प्रशासन को केवल 10 हजार की अनुमति दी गई थी। तेज गर्मी (36 डिग्री सेल्सियस) और उमस में घंटों इंतजार कर रही भीड़ में पानी तक का पर्याप्त इंतजाम नहीं था। हालात तब बिगड़े जब टीवीके कार्यकर्ताओं ने प्यासे लोगों की ओर पानी की बोतलें फेंकीं। बोतलें लूटने की होड़ ने भगदड़ को और विकराल बना दिया।
स्टारडम का जलवा और जानलेवा नतीजे
रैली की शुरुआत में विजय फिल्मी अंदाज में अपनी स्पेशल डिजाइनर बस की छत से भीड़ का अभिवादन कर रहे थे। हाथ फैलाकर विरोधियों को ललकारते और बाउंसरों से घिरे अभिनेता-से-राजनीतिज्ञ को देखने के लिए फैंस बेकाबू हो उठे। लेकिन यह स्टारडम महंगा पड़ गया लोग एक-दूसरे को कुचलते चले गए।
मरने वालों में दो साल का बच्चा, एक मां और उसकी दो बेटियां, यहां तक कि एक ऐसा जोड़ा भी शामिल है जिनकी अगले महीने शादी होने वाली थी। हर पीड़ित की अलग दर्दनाक कहानी ने इस हादसे को और भयावह बना दिया।

पुलिस-टीवीके आमने-सामने
तमिलनाडु पुलिस और टीवीके के बीच इस त्रासदी की जिम्मेदारी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।
- एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) डेविडसन देवसिरवथम ने विजय और उनके आयोजकों पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विजय तीन घंटे देर से पहुंचे, आयोजकों ने सुरक्षा और पानी का इंतजाम नहीं किया और अनुमति से कहीं अधिक भीड़ जुटा दी।
- टीवीके का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही और कमजोर सुरक्षा प्रबंध ही हादसे की असली वजह हैं। पार्टी ने अब इस मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है।
मुख्यमंत्री स्टालिन की अपील
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने घटना पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि यह किसी पार्टी का मुद्दा नहीं बल्कि साथी तमिलों की सामूहिक त्रासदी है। उन्होंने लोगों से अपील की,
“करूर में जो हुआ वह एक बड़ी त्रासदी है। इस दुख से मेरा मन भारी है। मैं पीड़ितों से मिलने करूर पहुंचा। कृपया इस घटना से जुड़ी अफवाहें सोशल मीडिया पर न फैलाएं। सभी को जिम्मेदारी से पेश आना चाहिए।”
लगातार दोहराए जा रहे हादसे
यह पहली बार नहीं है जब स्टार पावर के चलते भीड़ बेकाबू हुई है। पिछले साल हैदराबाद में एक फिल्म प्रीमियर और इसी साल बेंगलुरु में क्रिकेट मैच के दौरान भी भगदड़ से कई जानें गईं। सवाल वही है क्या राजनीति और सेलिब्रिटी क्रेज में जुटाई गई भीड़ की सुरक्षा की जिम्मेदारी तय होगी?
करूर का यह हादसा चेतावनी है कि सिर्फ भीड़ जुटाना ही राजनीति नहीं है, बल्कि भीड़ की सुरक्षा सुनिश्चित करना नेताओं की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।











