नागपुर में वंचित बहुजन आघाड़ी के नेता एडवोकेट प्रकाश आंबेडकर ने आगामी चुनावों के मद्देनज़र मतदाताओं से महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए नागपुर के मतदाताओं से भारतीय जनता पार्टी को वोट न देने की अपील की। आंबेडकर ने कहा कि नागपुर मेट्रो परियोजना के लिए साढ़े पाँच हजार करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है, लेकिन इसमें से लगभग दो हजार करोड़ रुपये का खर्च आने वाले समय में महानगरपालिका के घाटे वाले यूनिट पर डाला जाएगा, जिससे शहर की आर्थिक स्थिति पर बड़ा बोझ पड़ेगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नागपुर शहर के बड़े-बड़े ठेके स्थानीय कंपनियों को न देकर राज्य के बाहर की कंपनियों को दिए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यवसाय और रोजगार प्रभावित हो रहे हैं। आंबेडकर ने मतदाताओं से अपने अधिकार का समझदारी से उपयोग करने और शहर के भविष्य को ध्यान में रखकर निर्णय लेने का आह्वान किया।
देश की राष्ट्रीय नीतियों पर बोलते हुए प्रकाश आंबेडकर ने भारत-चीन संबंधों, रक्षा मामलों में सरकार और सैन्य नेतृत्व के बयानों में अंतर तथा अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार से होने वाले मुनाफे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि रूस से तेल व्यापार से होने वाला लाभ देश की तिजोरी में न जाकर निजी कंपनियों तक सीमित हो रहा है। इसके साथ ही यूक्रेन युद्ध और भारत की सीमाओं से जुड़े खतरों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए आंबेडकर ने बताया कि वंचित बहुजन आघाड़ी नागपुर में किसी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं कर सकी और सत्ताधारी दलों द्वारा दबाव की राजनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए मतदाताओं का जागरूक होना बेहद जरूरी है। नागपुर जैसे महत्वपूर्ण शहर में सही मतदान ही नागरिकों के भविष्य को सुरक्षित कर सकता है।






