हनुमान लोक परियोजना पर 314 करोड़ का विकास कार्य
हनुमान जन्मोत्सव में उमड़ा लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब
सतपुड़ा की हरित वादियों के मध्य स्थित जामसांवली धाम आज आस्था, विश्वास और भक्ति का एक भव्य केंद्र बनकर उभर रहा है। ‘हनुमान लोक’ के रूप में विकसित हो रहा यह पवित्र स्थल अब केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर चुका है।
यहाँ विराजमान भगवान हनुमान की अद्वितीय प्रतिमा पीपल वृक्ष के नीचे निद्रा मुद्रा में स्थापित है, जो देश के दुर्लभ मंदिरों में से एक मानी जाती है। मान्यता के अनुसार यह प्रतिमा हजारों वर्ष पूर्व एक किसान को खेत जोतते समय प्राप्त हुई थी, जिसके बाद यह स्थल श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बन गया।
वर्ष 1996 में छोटे स्तर पर शुरू हुआ यह मंदिर आज विशाल धार्मिक परिसर में बदल रहा है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लगभग 314 करोड़ रुपये की लागत से ‘हनुमान लोक’ परियोजना विकसित की जा रही है। हाल ही में रामनवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इसके प्रथम चरण का लोकार्पण किया गया।करीब 30 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस कॉरिडोर में आधुनिक सुविधाओं और धार्मिक परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिलता है। यहाँ गौशाला, सभामंडप, भक्त निवास, सोलर प्लांट, पेयजल व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है।
हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर 26 मार्च से 2 अप्रैल तक भव्य धार्मिक आयोजन जारी हैं। इस दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा रामकथा, स्वस्ति मेहूल की भजन संध्या और वाराणसी के पुरोहितों द्वारा विशेष अभिषेक व महाआरती का आयोजन किया जा रहा है।
लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और विकास कार्यों के साथ जामसांवली धाम आने वाले समय में देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में अपनी अलग पहचान स्थापित करने की ओर अग्रसर है।











