लोकवाहिनी, संवाददाता:मुंबई। महाराष्ट्र के मंत्री नरहरी झिरवाल ‘ट्रांसवुमन’ के साथ उनके एक वीडियो के सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवादों में घिर गए हैं और विपक्षी दल कांग्रेस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकापा) के नेता को उनके ‘अश्लील एवं अनैतिक आचरण’ के कारण मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने की माँग की है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री झिरवाल इस वीडियो में अपने सरकारी आवास पर ‘ट्रांसवुमन’ के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। विपक्षी दल ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह महाराष्ट्र की राजनीति में नैतिक पतन को दिखाती है और उसने मंत्री के आचरण को ‘सार्वजनिक जीवन पर धब्बा’ बताया।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने इस वीडियो के सामने आने के लिए सत्तारूढ़ सहयोगी दलों के बीच खींचतान को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “यह सरकार के भीतर की गैंगवार के अलावा कुछ नहीं है जिसमें सत्तारूढ़ दल एक-दूसरे को खत्म करने में लगे हैं। यह महाराष्ट्र के लिए अच्छा नहीं है। हमारा सिर शर्म से झुक जाता है।” यही हाल (गिरफ्तार स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु) अशोक खरात का भी है, जिसने कई महिलाओं का शोषण किया। ये सभी घटनाक्रम महाराष्ट्र के लिए अच्छे नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, झिरवाल एक ‘ट्रांसजेंडर’ व्यक्ति के साथ थे और उनके भाई ने कथित रूप से ब्लैकमेल करने के प्रयास के तहत वीडियो सार्वजनिक किया। पूर्व मंत्री ने कहा, झिरवाल ने अपने सरकारी आवास पर उस ट्रांसजेंडर के साथ जो किया, वह बिल्कुल गलत है।
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस घटना को राज्य की राजनीति में नैतिक पतन का उदाहरण बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा मंत्री नरहरी झिरवाल का आपत्तिजनक वीडियो केवल एक घटना नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में नैतिक गिरावट का एक जीवंत उदाहरण है।”
उन्होंने कहा, जनता के विश्वास और करदाताओं के धन की जिम्मेदारी संभालने वाले एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि का इस तरह के अशोभनीय और अनैतिक व्यवहार में लिप्त होना अत्यंत निंदनीय है। यह न केवल व्यक्तिगत सीमाओं का उल्लंघन है, बल्कि सार्वजनिक जीवन पर एक कलंक है। सपकाल ने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से नैतिकता के बुनियादी मानकों का पालन करने की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा, जनता द्वारा चुने गए किसी मंत्री से कम से कम यह अपेक्षा तो की ही जाती है कि वह नैतिकता के दायरे का पालन करे। हालाँकि, वीडियो साफ़ दिखाता है कि इन अपेक्षाओं का पूरी तरह उल्लंघन किया गया है।
सपकाल ने झिरवाल के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की माँग करते हुए कहा, मुख्यमंत्री को बिना किसी देरी के झिरवाल को मंत्री पद से हटाना चाहिए।
संवाददाताओं ने बुधवार शाम राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता जयंत पाटिल से विवादास्पद वीडियो पर प्रतिक्रिया देने को कहा तो उन्होंने यह कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि उन्होंने वह वीडियो नहीं देखा है।









