नागपूर:नागपूर महानगरपालिका में प्रशासक के रूप में कार्यरत डॉ. अभिजीत चौधरी के कार्यकाल में हुए कामों की सख्त और निष्पक्ष जांच कराने की मांग पश्चिम नागपूर के विधायक एवं नगर कांग्रेस अध्यक्ष विकास ठाकरे ने विधानसभ में की। उन्होंने कहा कि चौधरी की तबादला हो जाने के बाद भी उनके कार्यकाल की अनियमितताओं से उन्हें राहत नहीं मिल सकती।
ठाकरे ने कहा कि महानगरपालिका में प्रशासकीय फैसलों और परियोजनाओं के कार्यान्वयन में कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एमएसआयडीसी के माध्यम से घने जंगल की आरक्षित जमीन पर प्रदर्शन केंद्र बनाने की कोशिश की जा रही है, जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार यह भूमि वनभूमि मानी जाती है। साथ ही, ठाकरे ने एमएसआरटीसी से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा किया, जिससे सार्वजनिक धन के उपयोग पर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने गोरवाडा और बोरगाव के कांग्रेस नेताओं पर लगाए गए मकोका प्रकरण पर भी तीव्र आपत्ति जताई।
ठाकरे ने कहा कि मकोका कानून संगठित अपराध के लिए है, लेकिन उन लोगों पर भी इसे लागू किया गया जिन पर कोई भी अपराध दर्ज नहीं है। ठाकरे ने सरकार से अपील की कि इन सभी मामलों की तत्काल निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।









