अमरावती:अमरावती महापालिका के अग्निशमन विभाग के फायर ब्रिगेड कर्मचारी राजेश मोहन की आत्महत्या से शहर में सनसनी फैल गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के अत्याचार और मानसिक दबाव से त्रस्त होकर उन्होंने 20 नवंबर को जहरीला पदार्थ सेवन कर आत्महत्या की।
मरने से पहले के अपने वीडियो में उन्होंने सहायक अभियंता लक्ष्मण पावडे, अग्निशमन केंद्र प्रमुख संतोष केंद्रे और शिंदे को जिम्मेदार ठहराया है घटना के बाद मृतक के परिजन और सामाजिक संगठन जिला अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। लगातार तीसरे दिन भी यह विरोध जारी रहा, और Atrocity केस दर्ज करने की माँग और अधिक तेज हो गई है।
लंबे आंदोलन के बाद मनपा प्रशासन ने सहायक अभियंता पावडे और केंद्र प्रमुख केंद्रे को तत्काल निलंबित कर दिया। लेकिन आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है—जब तक Atrocity केस दर्ज नहीं होता, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
शव विच्छेदन गृह के बाहर आंदोलन अब भी जारी है।
इसी बीच, कांग्रेस नेत्री अॅड. यशोमती ठाकुर ने भी हस्तक्षेप करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग पुलिस आयुक्त अरविंद चावरिया से की है।











