नागपुर में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने कहा है कि शिक्षा को किसी भी हालत में बिकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त कदम उठाए हैं। संबंधित शिक्षा अधिकारियों और संस्थाओं के संचालकों को बुलाकर आंतरिक नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
प्यारे खान ने कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर सुनेत्रा पवार का फोन आया था, जिसमें उन्होंने सरकार के निर्णय की सराहना की। पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि कई शैक्षणिक संस्थाओं का वितरण पूर्व कांग्रेस शासनकाल में हुआ था और बड़ी संख्या में स्कूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं से जुड़े लोगों के पास हैं। उनका कहना है कि अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष बनने के बाद यह बात सामने आई कि कुछ स्थानों पर छोटे बच्चों के नाम पर धन लिया जा रहा है।
प्यारे खान ने बताया कि यह मुद्दा छह महीने पहले उठाया गया था और अब 24 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री ने कठोर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने दोहराया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







