लोकवाहिनी, संवाददाता नागपुर। नागपुर शहर में धर्म परिवर्तन से जुड़े एक पुराने मामले में एक बार फिर जांच एजेंसियों ने सख्त कदम उठाया है। एटीएस (ATS) नागपुर, लखनऊ एटीएस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने मिलकर एक सह-आरोपी को हिरासत में लिया। 17 जनवरी 2026 को एटीएस नागपुर को एक अहम सूचना मिली। जानकारी के अनुसार पांचपावली थाना क्षेत्र के आशी नगर इलाके में गौसिया मस्जिद के पास एक संदिग्ध व्यक्ति मौजूद था। यह व्यक्ति धर्म परिवर्तन से जुड़े एक मामले में सह-आरोपी बताया गया था।
सूचना मिलते ही एटीएस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कदम उठाने की योजना बनाई। सूचना में जिस व्यक्ति का नाम सामने आया, वह ईद उल इस्लाम बताया गया। उसके पिता का नाम गुलाम यजदानी है और उसे स्थानीय लोग छांगुर बाबा के नाम से भी जानते हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार यह व्यक्ति पहले से ही धर्म परिवर्तन से जुड़े एक केस में नामजद है और उसकी तलाश लंबे समय से की जा रही थी। इस मामले में लखनऊ की एनआईए (NIA) कोर्ट से पहले ही वारंट जारी किया जा चुका था। इसी वारंट की तामील के लिए एटीएस नागपुर को सहायता का अनुरोध मिला।
एटीएस के एपीआई अतित ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर संयुक्त कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की। लखनऊ एटीएस, नागपुर एटीएस और पांचपावली पुलिस थाने की संयुक्त टीम ने शनिवार को तड़के कार्रवाई को अंजाम दिया। सभी टीमों ने आपसी तालमेल के साथ इलाके को घेरा और बिना किसी हंगामे के आरोपी को हिरासत में ले लिया।
उत्तर प्रदेश के छांगुर बाबा से जुड़े कथित धर्मांतरण रैकेट में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। महाराष्ट्र एटीएस ने नागपुर के पांचपावली इलाके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कई दिनों से चल रही गुप्त जांच के बाद की गई। महाराष्ट्र एटीएस को गुप्त सूचना मिली थी कि इस रैकेट से जुड़ा एक व्यक्ति नागपुर के पांचपावली इलाके में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर टीम ने इलाके में निगरानी शुरू की और सही समय पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। शुरुआती सवाल-जवाब में कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी। ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने यह सुनिश्चित किया कि आसपास के इलाके में किसी तरह की अफवाह या तनाव न फैले।
फिलहाल इस मामले में आगे की जांच जारी है। एटीएस और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। आने वाले दिनों में इस केस में और खुलासे हो सकते हैं।











