लोकवाहिनी, संवाददाता:छत्रपति संभाजीनगर। बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने गलतियाँ की हैं। कांग्रेस को महाराष्ट्र से ही सीख लेनी चाहिए थी। बिहार में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने में देर हो गई। अगर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया गया होता तो एक अलग तस्वीर देखने को मिलती। अब कांग्रेस को यह रवैया बदलना चाहिए, शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी के नेता अंबादास दानवे ने यह बात कही। वे बिहार में कांग्रेस की करारी हार की बात कर रहे थे। हाल ही में संपन्न हुए बिहार चुनाव में एनडीए गठबंधन ने जीत दर्ज की है।
बिहार विधानसभा की 243 सीटों पर राजद-कांग्रेस गठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा, जबकि एनडीए ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया। इस नतीजे के बाद महाराष्ट्र से अलग-अलग नेताओं की प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। बिहार चुनाव की पृष्ठभूमि में शिव सेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी के नेता अंबादास दानवे ने इस पर अपना पक्ष रखा है। अंबादास दानवे ने कहा, बिहार चुनाव के नतीजों को देखते हुए कांग्रेस के साथ महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है।
कांग्रेस ने महाराष्ट्र और बिहार में बड़ी गलतियों की हैं। कांग्रेस को इन गलतियों से सीखना चाहिए। अगर महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में उद्धव ठाकरे की घोषणा की गई होती, तो एक अलग तस्वीर देखने को मिलती। बिहार में तेजस्वी यादव को चेहरा घोषित करने में समय लगा, इसलिए हार हुई। हर चुनाव में कांग्रेस सीटों के बंटवारे में बड़ी हिस्सेदारी मांगती है। अन्य पार्टियों को भी नुकसान होता है। कांग्रेस को यह रवैया बदलना चाहिए। इस बीच, अंबादास दानवे ने कहा कि महाराष्ट्र और बिहार चुनाव में अलग-अलग स्थितियाँ हैं। हम महाविकास अघाड़ी के साथ रहने को तैयार हैं। कांग्रेस को आखिरी दिन तक सीट आवंटन में गड़बड़ी नहीं करनी चाहिए। इसलिए उम्मीदवारों को चुनाव में कम समय मिलता है। इससे नुकसान होता है।












