पुणे भूमि प्रकरण विधानसभा में उठेगा
महाराष्ट्र की राजनीति में नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने भाजपा और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पुणे भूमि गैरव्यवहार मामले को लेकर उन्होंने कहा कि यह मुद्दा विधानसभा में उठाया जाएगा और सरकार से पूछा जाएगा कि इतनी बड़ी डील में क्लीन चिट कैसे दी गई। उनका आरोप है कि इतने बड़े लेनदेन सामान्य व्यक्ति नहीं कर सकता और इसके पीछे प्रभावशाली लोगों का संरक्षण होता है।
वडेट्टीवार ने कहा कि ऐसी धारणा बन रही है कि जो भाजपा के साथ है वह “स्वच्छ” माना जाता है, चाहे उस पर कितने भी गंभीर आरोप क्यों न हों।
अजित पवार से जुड़े कथित “ब्लैक बॉक्स” प्रकरण पर भी उन्होंने संदेह व्यक्त किया। उनका कहना है कि यह केवल दुर्घटना नहीं लगती और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सुमित्रा पवार के संदर्भ में उन्होंने कहा कि किसी भी दल को अपना अध्यक्ष चुनने का अधिकार है और यदि कोई महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष बनती है तो यह स्वागतयोग्य है।
गणेश नाईक प्रकरण पर उन्होंने इसे आंतरिक राजनीति बताया, लेकिन साथ ही सवाल उठाया कि क्या एकनाथ शिंदे को घेरने के लिए राजनीतिक रणनीति बनाई जा रही है।
अल्पसंख्यक आयोग और स्कूल प्रमाणपत्र मामले में मंत्रालय के निर्णयों को उन्होंने संदिग्ध बताया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है।
ओबीसी आंदोलन फिलहाल स्थगित किया गया है, लेकिन जल्द ही बड़े स्तर पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।








