तीन हजार से अधिक लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ
न्यायमूर्ति जवलकर ने जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील की
‘शासन आपके द्वार’ पहल से नागरिकों को त्वरित सेवा सुविधा
यवतमाल जिले के नेर स्थित तालुका क्रीड़ा संकुल में आयोजित विधि सेवा महाशिविर एवं शासकीय योजनाओं के महामेले में नागरिकों को सीधे मार्गदर्शन, आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज़ पूर्ति और त्वरित पंजीयन की सुविधा प्रदान की गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण, महाराष्ट्र राज्य विधि सेवा प्राधिकरण तथा जिला विधि सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में मुंबई उच्च न्यायालय नागपुर खंडपीठ की न्यायमूर्ति मुकुलिका जवलकर ने कहा कि इस प्रकार के शिविर न्याय व्यवस्था, शासन और जनता के बीच मजबूत सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान ने सभी नागरिकों को समान न्याय और अधिकार प्रदान किए हैं तथा विधि सेवा प्राधिकरण के माध्यम से महिलाओं, किसानों, मजदूरों और विद्यार्थियों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
न्यायमूर्ति जवलकर ने पर्यावरण अनुकूल और जैविक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं की जानकारी के अभाव में कई पात्र लाभार्थी वंचित रह जाते हैं, ऐसे में यह महामेला प्रभावी माध्यम साबित हो सकता है।
जिलाधिकारी विकास मीना ने बताया कि जिला प्रशासन अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में लगभग तीन हजार लाभार्थियों को विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ वितरित किया गया। न्यायमूर्तियों द्वारा मंच से उतरकर लाभार्थियों को सहायता प्रदान करने की संवेदनशील पहल ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।








