“नो स्टॉक” बोर्ड, घंटों कतार में खड़े नागरिक
गैस सिलेंडर के लिए रात 2 बजे से लाइन
खाड़ी संकट का असर अब ग्रामीण भारत तक
नागपूर:रामटेक शहर में इन दिनों घरेलू गैस और पेट्रोल की भारी किल्लत ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है, जिससे नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रामटेक क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों पर “नो स्टॉक” के बोर्ड लगे हुए हैं, जबकि जो पंप खुले हैं, वहां लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, फिर भी कई बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
सिर्फ पेट्रोल ही नहीं, घरेलू गैस की समस्या भी गहराती जा रही है। नागरिकों को गैस सिलेंडर प्राप्त करने के लिए रात 2 बजे से ही लाइन में लगना पड़ रहा है। इसके बावजूद 3 से 4 दिनों तक सिलेंडर नहीं मिल पाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि कुछ स्थानों पर गैस एजेंसियों द्वारा पुलिस बंदोबस्त में सिलेंडर का वितरण किया जा रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार, खाड़ी देशों में चल रहे संघर्ष का असर अब भारत के ग्रामीण क्षेत्रों तक भी दिखाई देने लगा है। आपूर्ति प्रभावित होने के कारण यह संकट और गहरा सकता है।
स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने अब यह बड़ी चुनौती बन गई है कि वे जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य करें और नागरिकों को राहत दिलाएं।
रामटेक में बढ़ती ईंधन और गैस संकट की स्थिति ने प्रशासन के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।








