लोकवाहिनी, संवाददाता:मुंबई। नासिक के ढोंगी अशोक खरात मामले में रूपाली चाकणकर के इस्तीफे की मांग लगातार जोर पकड़ रही थी। आखिरकार इस मामले में उन्होंने शाम को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रूपाली चाकणकर को राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का आदेश दिया है। इसके बाद रूपाली चाकणकर उपमुख्यमंत्री अजित पवार से मिलने पहुंचीं। इसके बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक के ढोंगी बाबा मामले में अपनी बात रखने गई चाकणकर को तुरंत इस्तीफा देने का आदेश दिया था। मुख्यमंत्री ने रूपाली चाकणकर को ‘वर्षा’ बंगले पर बुलाकर नासिक ढोंगी बाबा केस पर चर्चा की। शुक्रवार शाम लगभग 6 बजे हुई इस बैठक में चाकणकर ने अपना पक्ष रखा। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें तुरंत इस्तीफा देने का आदेश दिया।
एनसीपी (NCP) के स्टेट प्रेसिडेंट सुनील तटकरे ने भी संकेत दिए कि नासिक केस की निष्पक्ष जांच के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। विपक्ष के बढ़ते दबाव के कारण चाकणकर से इस्तीफा देने को कहा गया। वहीं सफाई के बावजूद विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया था। शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाने वाली संस्था की प्रमुख का नाम ऐसे आरोपी से जुड़ना बेहद गंभीर मामला है। उसी पार्टी की नेता सुषमा अंधारे ने कहा कि चाकणकर अब इस पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो चुकी हैं और ऐसे में महिलाएं उनसे न्याय की उम्मीद कैसे करेंगी?









