नागपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता दत्ता राघवोजी मेघे का रविवार रात निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे। 40 वर्षों से अधिक समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे दत्ता मेघे ने राजनीति, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में अपनी छाप छोड़ी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। वरिष्ठ नेता दत्ता मेघे के असंख्य प्रशंसक थे।
उनके निधन की खबर रात को आई और उनके प्रशंसक सदमे में थे। उन्होंने कई कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया था। गरीब पृष्ठभूमि से आने वाले दत्ता मेघे ने अपने सौम्य और मृदुभाषी स्वभाव से विदर्भ की राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी। वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे और वर्धा लोकसभा क्षेत्र से चार बार प्रतिनिधि रह चुके थे।
अपने लंबे राजनीतिक करियर में वे लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। वे तीन बार विधान परिषद के सदस्य भी रहे। उन्होंने 2014 में भाजपा में प्रवेश किया। तब से वे भाजपा के हर कार्यक्रम और हर चुनावी रणनीति का हिस्सा रहे हैं। लेकिन उससे पहले, 1978 में शरद पवार के नेतृत्व वाली सरकार में वे विदर्भ से मंत्री थे। उनकी राजनीतिक यात्रा वहीं से शुरू हुई थी।








