नागपुर में वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने तथाकथित “एपस्टीन फाइल” को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं और प्रधानमंत्री को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। आंबेडकर ने कहा कि यदि किसी भी प्रकार का अंतरराष्ट्रीय समझौता देशहित के खिलाफ हुआ है, तो इसकी पारदर्शी जांच आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है और इसी मांग को लेकर उनकी पार्टी जल्द ही मोर्चा निकालेगी। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि मोर्चे को रोका गया, तो यह लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन होगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी पर भी टिप्पणी करते हुए आंबेडकर ने कहा कि यदि नैतिक मूल्यों का पालन नहीं हो रहा है, तो संबंधित संगठनों को अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को जनता से छुपाया जा रहा है, जिससे संदेह और गहरा हो रहा है।
इस दौरान उन्होंने रक्षा समझौतों और तकनीकी मामलों पर भी सवाल उठाए तथा पारदर्शिता की मांग की। आंबेडकर ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई देशहित और लोकतंत्र की रक्षा के लिए है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है और इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है।








