चंद्रपुर में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) द्वारा आयोजित महिला सम्मान कार्यक्रम के बाद सुषमा अंधारे ने मीडिया से बातचीत में तीखा हमला बोला। उन्होंने महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर के इस्तीफे को साधारण घटना नहीं मानते हुए, इसे एक गंभीर मामले को दबाने का प्रयास बताया। अंधारे ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में पारदर्शिता की कमी है और सच्चाई को छुपाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने रूपाली चाकणकर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर उन्हें सह-आरोपी बनाने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि सत्य सामने लाना है तो नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए, अन्यथा कई महत्वपूर्ण तथ्य दब सकते हैं। उनके अनुसार, इस मामले में कई बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक व्यक्तियों के नाम सामने आ सकते हैं, जो जांच को और भी गंभीर बना देते हैं।
अंधारे ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने इस मुद्दे पर भविष्य में और अधिक तीव्र राजनीतिक प्रतिक्रिया देने के संकेत भी दिए। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और विभिन्न स्तरों पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।







