नासिक। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अशोक खरात के मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) लीक होने की जांच की जाएगी। वहीं, गिरफ्तार स्वयंभू बाबा की संपत्तियों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी इस तरह कॉल रिकॉर्ड हासिल करने का अधिकार नहीं है। फडणवीस ने रविवार को घोषणा की कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब अशोक खरात के वित्तीय साम्राज्य की गहराई से जांच करेगा।
फडणवीस के मुताबिक, खरात पर 1000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम हवाला के जरिए विदेश भेजने के गंभीर आरोप हैं, जिसकी जांच राज्य पुलिस के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। अशोक खरात मामले में हाल ही में हुए खुलासों से यह संकेत मिले हैं कि उसने ऑस्ट्रेलिया, दुबई और अन्य खाड़ी देशों में भारी निवेश किया है। मुंबई के एक पांच सितारा होटल से संचालित होने वाले इस हवाला हब की कड़ियों को जोड़ने के लिए ईडी की विशेषज्ञता जरूरी मानी जा रही है।
फडणवीस ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसके संबंध कितने ही ऊंचे क्यों न हों। गृह मंत्री ने सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया द्वारा जारी किए गए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया है। फडणवीस ने सवाल उठाया कि एक निजी व्यक्ति के पास पुलिस विभाग या टेलीकॉम कंपनियों के पास रहने वाली गोपनीय जानकारी कैसे पहुँची? उन्होंने कहा, “यह न केवल सुरक्षा में सेंध है, बल्कि निजता के अधिकार का भी खुला उल्लंघन है। हम इस बात की विस्तृत जांच कराएंगे कि ये सीडीआर दमानिया को किसने और किस मकसद से उपलब्ध कराए।”
फडणवीस ने विपक्ष के उन दावों को भी खारिज किया जिसमें इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया जा रहा था। उन्होंने कहा कि जब मामला 1000 करोड़ रुपये के हवाला और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हो, तो जांच में देरी नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अन्य नेताओं के नाम सीडीआर में होने पर उन्होंने कहा कि केवल फोन पर बात करना अपराध नहीं है, लेकिन अगर कोई वित्तीय मिलीभगत पाई गई, तो कानून अपना काम करेगा। अंजलि दमानिया के दावों की सत्यता की जांच भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा होगी।
फिलहाल नासिक पुलिस की एसआईटी (SIT) इस मामले की प्राथमिक जांच कर रही है, लेकिन अब ईडी के शामिल होने से जांच का दायरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल जाएगा। खरात के वित्तीय सलाहकार ललित पोफले और उसकी फरार पत्नी कल्पना खरात के बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
फडणवीस ने विश्वास जताया कि अगले कुछ दिनों में इस सिंडिकेट के कई बड़े चेहरे बेनकाब होंगे। सरकार का लक्ष्य खरात के जरिए सफेद किए गए हर एक पैसे का हिसाब जनता के सामने लाना है। मुख्यमंत्री ने विशेष जांच दल (SIT) की जांच पर भी संतोष जताया। उन्होंने कहा, “अब ज्यादा लोग आगे आकर जानकारी दे रहे हैं। लोगों का भरोसा बढ़ा है। अब तक करीब 12 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।” उन्होंने जनता से अपील की कि वे एसआईटी पर भरोसा रखें, वह अच्छा काम कर रही है। एसआईटी को लगातार नई जानकारियां मिल रही हैं और वह मामले की पूरी तह तक पहुँचने तक जांच जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में सख्त सजा दी जाएगी। इस मुद्दे पर महाराष्ट्र एक राय है और यह राजनीति से ऊपर का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकार ऐसे प्रयासों को अहमियत नहीं देगी।








