नागपुर जिले के रामटेक तहसील के भोजापुर गांव में आज बौद्ध समाज के लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर धम्म केंद्र, पुस्तकालय और वाचनालय के निर्माण कार्य में हो रही देरी के विरोध में सैकड़ों नागरिकों ने तहसील कार्यालय पर धावा बोलते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
यह प्रस्ताव रामटेक पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाले मानापुर ग्राम पंचायत क्षेत्र के भोजापुर में स्थित एक पुरानी और जर्जर जिला परिषद स्कूल की इमारत के स्थान पर लागू किया जाना है। इस परियोजना के लिए सरकारी मंजूरी मिल चुकी है, निधि उपलब्ध है और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
इसके बावजूद लंबे समय से निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है। कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों से संपर्क करने के बाद भी जब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तब लोगों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया। 8 अप्रैल को बड़ी संख्या में बौद्ध समुदाय के लोग एकत्र हुए और तहसील कार्यालय तक मोर्चा निकालकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत के कुछ पदाधिकारी गलत जानकारी फैलाकर और विरोध खड़ा कर इस महत्वपूर्ण कार्य में बाधा डाल रहे हैं। साथ ही, बहुमत के आधार पर लिए गए कुछ निर्णयों को भी अवैध बताया गया।
इस दौरान गटविकास अधिकारी जयसिंग जाधव ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि संबंधित स्थल पर मौजूद जर्जर स्कूल भवन को हटाने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। इसके लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ प्राप्त करना आवश्यक है, जिसका वे स्वयं पालन करेंगे। प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया गया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन और तीव्र किया जाएगा। स्थिति को देखते हुए किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए रामटेक पुलिस द्वारा कड़ा बंदोबस्त किया गया था। अब सभी की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह अपने वादे को कब तक पूरा करता है।







